गोपाल कृष्ण पुरस्कार योजना के तहत राजगढ़ जिले के पांच वृंदावन ग्रामों में होगी दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता*
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*27 से 31 अक्टूबर तक विकासखंड स्तर पर आयोजन, उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को मिलेगा एक लाख रुपये तक का पुरस्कार*
*राजगढ़ 26 अक्टूबर, 2026*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 03 अक्टूबर, 2026 को राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन के अवसर पर की गई घोषणा के परिपालन में प्रदेश के समस्त वृंदावन ग्रामों में नवीन गोपाल कृष्ण पुरस्कार योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। पशुपालन विकास योजना अंतर्गत भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों के पालन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत राजगढ़ जिले में 27 से 31 अक्टूबर, 2026 तक प्रत्येक विकासखंड के चयनित वृंदावन ग्रामों में प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।विकासखंड राजगढ़ के ग्राम चाटूखेड़ा, ब्यावरा के ग्राम सलेहपुर, जीरापुर के ग्राम काशीखेड़ी, सारंगपुर के ग्राम पटाड़िया धाकड़ एवं नरसिंहगढ़ के ग्राम गनियारी में 30 एवं 31 अक्टूबर, 2026 को विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता संपन्न होगी।
*स्वदेशी गौवंश के पालन एवं दुग्ध उत्पादन को मिलेगा प्रोत्साहन*
योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की मूल गौवंशीय नस्लों मालवी, निमाड़ी एवं केनकथा सहित भारतीय उन्नत स्वदेशी नस्लों की गायों के पालन को बढ़ावा देना तथा पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन एवं आय वृद्धि के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही पशुपालकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित कर उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन देना भी योजना का उद्देश्य है।
*प्रतियोगिता में प्रतिदिन 6 लीटर या उससे अधिक दूध देने वाली गायें होंगी शामिल*
प्रतियोगिता में चयनित वृंदावन ग्रामों के ऐसे पशुपालकों की गायों को शामिल किया जाएगा, जिनका दुग्ध उत्पादन प्रतिदिन 6 लीटर या उससे अधिक है। प्रतियोगिता विकासखंड स्तरीय समिति की निगरानी में आयोजित होगी। समिति द्वारा प्राप्त आवेदनों का संकलन एवं परीक्षण कर प्रतियोगिता संपन्न कराई जाएगी तथा परिणाम जिला स्तर पर भेजे जाएंगे। जिला स्तर पर सभी वृंदावन ग्रामों के परिणामों का संकलन कर सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाले तीन प्रतिभागियों की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद सूची राज्य स्तर पर संचालक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग को भेजी जाएगी।
विकासखंड स्तर की प्रतियोगिता में उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन करने वाले पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार राशि एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले पशुपालक को एक लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को 50 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। गोपाल कृष्ण पुरस्कार योजना के माध्यम से जिले में स्वदेशी गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि तथा पशुपालकों की आय बढ़ाने के प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा।