राजधानी भोपाल के नीलम पार्क मैं अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा का अनिश्चितकालीन धरना शुरू।*
* *--------------------------27 सितंबर रविवार को अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा का प्रदेश की राजधानी भोपाल के नीलम पार्क मैं अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है क्रमिक धरना भूख हड़ताल के प्रथम दिवस भोपाल संभाग और नर्मदा पुरम संभाग को सम्मिलित किया गया है जिसमें हजारों शिक्षक शिक्षिकाएं सम्मिलित हुए । मोर्चे के प्रदेश संयोजक राकेश दुबे एवं जगदीश यादव ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि शिक्षक संयुक्तमोर्चा अप्रैल से लेकर सितंबर तक विगत 6 माह से अपनी मांगे शासन प्रशासन तक ब्लॉक जिलामुख्यालय और प्रदेश की राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में 18 अप्रैल को हजारों शिक्षक साथियों की उपस्थिति में विरोध प्रदर्शन कर अपनी मांगों का ज्ञापन शासन तक पहुंचाने के बाद भी शासन द्वारा हमारी जायज मांगों का समाधान और निराकरण अभी तक नहीं किया गया। यह अत्यंत दुःखद और खेद जनक हैं।इसी कारण संयुक्त मोर्चे ने अब अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है।मोर्चे के राजगढ़ जिला संयोजक भगवान सिंह राणावत, सुरेश कुमार दांगी और चन्दर सिंह तोमर ने बताया कि हमारी प्रमुख तीन सूत्रीय माँग इस प्रकार है ।1. शिक्षक पात्रता परीक्षा को समाप्त कर इसका निराकरण किया जाए।2. हमे 2018 में नवीन शिक्षक संवर्ग में सम्मिलित कर जो वरिष्ठ शून्य की गई है उसे बहाल करते हुए सभी सवत्वों का लाभ नियुक्ति दिनांक से दिया जाए।3. शिक्षकों पर थोपी गई आव्यवहारिक ईअटेंडेंस प्रणाली को शीघ्र समाप्त किया जाए। यदि हमारी मांगो का निराकरण शीघ्र नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। राजगढ़ जिले से धरना प्रदर्शन में सैकड़ो शिक्षक शिक्षिकाएं सम्मिलित हुए । अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के संयोजक द्वारा सभा में उपस्थित शिक्षक साथियों को संबोधित करते हुए बताया की अभी हाई कोर्ट जबलपुर द्वारा हमारे पक्ष में निर्णय सुनाया गया उसे शासन शीघ्र मानते हुए आदेश जारी करें। परंतु शासन इसे मानने की बजाय सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी खारिज होने के बाद भी रिव्यू पिटीशन लगाने जा रही है यह हमारे साथ दौरा व्यवहार किया जा रहा है आरोप है कि जहाँ हमारे हित की बात हो उसे शान द्वारा नही माना जा रहा है और जहाँ शासन के हित की बात हो उसे अधिकारी तुरंत लागू करने पर उतारू हो जाते हैं। अब हम इस प्रकार का अन्य किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगे।मोर्चे की माँग है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को खत्म करने हेतु तमिलनाडु सरकार की भाँति मध्यप्रदेश सरकार भी विधान सभा का विशेष शास्त्र बुलाकर अध्यादेश लाए और केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजें नहीं तो मोर्चे द्वारा आगामी दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेवारी शासन की होगी। धरने में राजगढ़ जिले से सम्मिलित होने वालों में राधेश्याम पुरवइया, भारत गोयल, संतोष विश्वकर्मा, सपना दांगी ,राजकुमार सिंह खींची, कमल सिंह चौहान, रामबाबू भिलाला, योगेंद्र मंडलोई, मुकेश विजयवर्गीय, रामबाबू शर्मा, संजय सिंह, राजेंद्रसिंहखींची , जगन्नाथ सिंह जादौन, मनोहर सिंह परमार कांजी सिंह सोंधिया, विजय कुमार एक्का, नीतिज्ञशर्मा, अनार सिंह वर्मा, अनिल पिपलोटिया, शमीम अहमद सिद्दीकी, ममता लकड़ा, आशा एक्का, मांगीलाल तंवर, गुलाब सिंह गुर्जर, रामबाबू दांगी, घनश्याम भिलाला, शिवराजसिंहभदोरिया, दुलीचंद वर्मा,दामोदर सक्सेना, दिनेश शाक्यवार ,नरेंद्र कुमार नागर, दुलीचंद कुसुम, कुशल राव, रामबाबू राव, लोकेश सुमन, महेश प्रसाद नारोलिया, राजाराम पिपलोटिया भारत गोयल, दिलीप सिंह तोमर, हेमराज पिपलोटीया, बिरम सिंह, रामचंद्रर परमार, बनवारी लाल शर्मा,सहित सेंकडों शिक्षाक / शिक्षिकाएं शामिल हुए।