सुठालिया परियोजना के डूब प्रभावित कृषकों से प्रशासन ने की चर्चा*
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*मांगों के निराकरण के लिए यथासंभव कार्रवाई का दिया आश्वासन, भूख हड़ताल समाप्त करने का किया अनुरोध*
*राजगढ़ 18 सितम्बर, 2026*
सुठालिया परियोजना से संबंधित मुआवजा विसंगतियों एवं अन्य मांगों को लेकर डूब प्रभावित कृषकों द्वारा जारी धरना एवं भूख हड़ताल के संबंध में शुक्रवार को प्रशासन की ओर से धरना स्थल पर पहुंचकर कृषकों से विस्तृत चर्चा की गई। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ब्यावरा के नेतृत्व में सुठालिया परियोजना से संबंधित अधिकारी एवं प्रशासनिक अमला धरना स्थल पर उपस्थित हुआ।
प्रशासन द्वारा भूख हड़ताल पर बैठे डूब प्रभावित कृषकों से उनकी विभिन्न मांगों के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई तथा उनकी समस्याओं एवं मांगों को सुना गया। इस दौरान कृषकों को प्रशासन की ओर से आवश्यक समझाइश दी गई। प्रशासन द्वारा आश्वस्त किया गया कि डूब प्रभावित कृषकों की अधिकांश मांगों का यथासंभव नियमानुसार निराकरण किए जाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ऐसी मांगें जिनका निराकरण शासन स्तर से किया जाना है, उन्हें प्रशासन की ओर से शासन को प्रेषित किया जाएगा।
धरना स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठे कृषकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा चिकित्सकीय व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। डॉक्टरों की टीम द्वारा लगातार धरना स्थल पर पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठे कृषकों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।
इसके साथ ही धरना स्थल पर मूलभूत सुविधाओं के अंतर्गत साफ-सफाई, पेयजल एवं शौचालय सहित आवश्यक व्यवस्थाएं प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन की ओर से भूख हड़ताल पर बैठे सभी कृषकों से चर्चा कर उनकी मांगों के संबंध में यथासंभव कार्रवाई का आश्वासन देते हुए भूख हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध किया गया है।