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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया ‘विकास की गाथा – अभ्युदय सारंगपुर’ पुस्तक का विमोचन*

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया ‘विकास की गाथा – अभ्युदय सारंगपुर’ पुस्तक का विमोचन*



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 *सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में ढाई वर्षों में हुए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों का पुस्तक में संकलन, आगामी विकास की कार्ययोजना को भी दिया स्थान* 


 *राजगढ़ 16 सितम्‍बर, 2026* 


सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले ढाई वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, शासन की विभिन्न पहलों और क्षेत्र में आई सकारात्मक प्रगति को दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करने वाली पुस्तक ‘विकास की गाथा – अभ्युदय सारंगपुर’ का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित राज्य सचिवालय में किया। यह पुस्तक प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग श्री गौतम टेटवाल के कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में हुए विकास कार्यों और जनसेवा के प्रयासों का संकलित दस्तावेज है। पुस्तक विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुस्तक के प्रकाशन के लिए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विकास कार्यों के दस्तावेजीकरण की पहल की सराहना करते हुए कहा कि किसी क्षेत्र में हुए विकास कार्यों, शासन की योजनाओं और जनभागीदारी को एक स्थान पर संकलित करना महत्वपूर्ण कार्य है। इससे जनता को अपने क्षेत्र में हुए कार्यों की जानकारी मिलती है और विकास की दिशा को समझने में भी सहायता मिलती है।

विकास की गाथा – अभ्युदय सारंगपुर’ में सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में हुए विकास कार्यों को विषयवार एवं विभागवार प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, सिंचाई, जल संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, नगरीय विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक क्षेत्र में किए गए कार्यों की जानकारी शामिल की गई है। पुस्तक में क्षेत्र की जनसुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित हुए हितग्राहियों और स्थानीय स्तर पर किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया गया है। विकास कार्यों को चित्रों और आंकड़ों के माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, जिससे पाठकों को क्षेत्र में हुए कार्यों की जानकारी सरल एवं व्यवस्थित रूप से मिल सके।

पुस्तक में सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास को केवल सरकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसमें जनता की सहभागिता को भी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। क्षेत्र में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, जनसुविधाओं के विस्तार और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख पुस्तक में किया गया है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्य जनता के विश्वास, सहयोग और जनप्रतिनिधि के रूप में मिले दायित्व को पूरा करने के प्रयासों का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि विकास एक सतत प्रक्रिया है और क्षेत्र के लिए आने वाले वर्षों की प्राथमिकताओं को भी ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार की गई है।

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए हैं। इन कार्यों को एक पुस्तक के रूप में संकलित करने का उद्देश्य जनता तक विकास कार्यों की जानकारी पहुंचाना और क्षेत्र की विकास यात्रा को दस्तावेज के रूप में सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि “ढाई वर्षों में हुए विकास कार्य जनता के विश्वास और सहयोग का परिणाम हैं तथा आगामी ढाई वर्ष सारंगपुर के विकास को नई गति देने के लिए समर्पित रहेंगे।” उन्होंने कहा कि सारंगपुर के विकास की यात्रा अभी जारी है। क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, सिंचाई, रोजगार, अधोसंरचना और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए आगामी समय में भी विकास की गति को बनाए रखने के प्रयास किए जाएंगे।

पुस्तक की विशेषता यह है कि इसमें केवल बीते ढाई वर्षों के विकास कार्यों और उपलब्धियों को ही स्थान नहीं दिया गया है, बल्कि सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के आगामी विकास की प्राथमिकताओं और भविष्य की कार्ययोजना को भी शामिल किया गया है। इस प्रकार ‘विकास की गाथा – अभ्युदय सारंगपुर’ क्षेत्र में हुए कार्यों का दस्तावेज होने के साथ-साथ आने वाले समय में विकास की दिशा का भी संकेत देती है। पुस्तक में शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर जनसुविधाओं के विस्तार तक की जानकारी को समाहित किया गया है। विकास कार्यों की जानकारी को एक स्थान पर संजोने का प्रयास किया गया है, ताकि क्षेत्र के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों को सारंगपुर की विकास यात्रा की समग्र जानकारी उपलब्ध हो सके।

‘विकास की गाथा – अभ्युदय सारंगपुर’ को सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में ढाई वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों, शासन की योजनाओं, जनसेवा और उपलब्धियों को एक स्थान पर संकलित करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। पुस्तक क्षेत्र की अब तक की विकास यात्रा को दर्ज करने के साथ-साथ आगामी समय में “विकसित सारंगपुर” के संकल्प और भविष्य की विकास दिशा को भी सामने रखती है।