27 सितंबर तक माँगे नही मानी तो राजधनी भोपाल में नवीन शिक्षक संवर्ग का होगा अनिश्चितकालीन धरना।*
*अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश ने ऐलान किया है कि 27 सितंबर 2026 तक मांगों का ठोस निराकरण नहीं होता है तो अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। शासकीय शिक्षक संगठन के प्रांताध्यक्ष राकेश दुबे ने बताया कि शिक्षक संयुक्तमोर्चा अप्रैल से लेकर सितंबर तक विगत 6 माह से अपनी मांगे शासन प्रशासन तक ब्लॉक, जिला, और राजधानी भोपाल में 18 अप्रैल को विशाल धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन धरने के माध्यम से शासन तक पहुंचाता रहा है फिर भी समाधान नहीं किया गया है जो अत्यंत खेद का विषय है । मोर्चे के जिला संयोजक और संगठन के जिला अध्यक्ष राजगढ़ भगवान सिंह राणावत ने बताया कि जब यहाँ TET परीक्षा का निराकरण नही किया गया तो हम देश की राजधानी दिल्ली में 30 अगस्त को अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए आयोजित कार्यक्रम मे सहभागिता करने जा रहे थे तब मध्यप्रदेश सरकार ने पुलिश प्रशासन के माध्यम से पूरे मध्य प्रदेश से हजारों शिक्षक साथियों को जगह-जगह रोककर मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया गया और आंदोलन को असफल करने का पूरा प्रयास किया गया इसके बाद भी मध्य प्रदेश से और पूरे देश से हजारों शिक्षक आंदोलन में शामिल हुए। श्री दुबे का आरोप है कि हमने आयुक्त लोक शिक्षण और शिक्षा मंत्री जी से कई बार मुलाकात कर समस्या का समाधान करने का आग्रह किया परंतु हमारी तीन सूत्रीय मांगों का कोई निराकरण नहीं होने से आहत होकर यह अंतिम निर्णय लिया गया है।हमारी माँग है कि मध्यप्रदेश शासन 27 सितंबर के पहले शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को खत्म करने हेतु तमिलनाडु सरकार की भाँति विधानसभा का विशेष शास्त्र बुलाकर अध्यादेश लॉकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजें। प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देते हुए सभी लाभ प्रदान किया जाए। शिक्षकों पर लागू की गई आव्यवहारीक ईअटेंडेंस प्रणाली को समाप्त किया जाए। मोर्चे द्वारा मांग की गई की शीघ्र माननीय मुख्यमंत्री जी से सीधी मुलाकात कराई जाए और माहा शिक्षक सम्मेलन का आयोजन कर समाधान किया जावे। मोर्चा ने पुनः मांग की है कि 27 सितंबर तक मांगों का निराकरण कर दिया जाए नहीं तो हम प्रजातांत्रिक तरीके से अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।