सुठालिया सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों की प्रमुख मांगों को लेकर धरना एवं भूख हड़ताल
सुठालिया/राजगढ़। सुठालिया सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों एवं डूब क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों के निराकरण को लेकर 15 सितंबर, मंगलवार से धरना प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। समस्त डूब प्रभावित किसान दोपहर 1:00 बजे सुठालिया मऊ चौराहा, थाने के पास स्थित जिन ग्राउंड में एकत्रित होंगे। यहां से रैली के रूप में धरना स्थल पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन किया जाएगा।
किसानों का कहना है कि परियोजना से प्रभावित परिवारों को अब तक उनकी भूमि, मकान एवं अन्य परिसंपत्तियों का उचित एवं समान मुआवजा तथा पुनर्वास का लाभ नहीं मिल पाया है। लंबे समय से शासन-प्रशासन के समक्ष मांगें रखे जाने के बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं होने के कारण अब किसानों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
किसानों की प्रमुख मांगें1. चार गुना मुआवजा दिया जाए।सुठालिया सिंचाई परियोजना से प्रभावित सभी किसानों को बिना किसी भेदभाव के चार गुना मुआवजा प्रदान किया जाए। जिन किसानों को पूर्व में दो गुना मुआवजा राशि प्राप्त हो चुकी है, उन्हें शेष दो गुना राशि प्रदान की जाए।2. 18 वर्ष पूर्ण करने वाले डूब प्रभावित सदस्यों को वयस्क माना जाए।जिस डूब प्रभावित सदस्य ने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है, उसे वयस्क मानते हुए विस्थापन एवं पुनर्वास का लाभ दिया जाए। इसके लिए डूब क्षेत्र से ग्रामीणों की निकासी की दिनांक को आधार माना जाए।3. खेती की भूमि पर स्थित परिसंपत्तियों का मुआवजा दिया जाए।
कृषि भूमि पर स्थित मकान, कुएं, ट्यूबवेल, पेड़-पौधे, फलदार पौधे, सिंचाई पाइपलाइन सहित अन्य सभी परिसंपत्तियों का उचित सर्वे एवं मूल्यांकन कर नियमानुसार मुआवजा प्रदान किया जाए।4. काटे गए मकानों का मुआवजा दिया जाए।ग्राम टोडी, निवारा, गुजरखेड़ी एवं कांनरखेड़ी में सर्वे एवं मूल्यांकन के बाद जिन मकानों की मुआवजा राशि काट दी गई है, उनकी राशि प्रभावित किसानों एवं पीड़ित परिवारों को प्रदान की जाए।5. ग्राम टोडी एवं गुर्जरखेड़ी के पूर्णतः डूब प्रभावित मकानों का मुआवजा दिया जाए।
ग्राम टोडी के 24 मकान एवं ग्राम गुर्जरखेड़ी के 3 मकान, जो पूर्णतः प्रभावित हैं और जिनका मुआवजा काट दिया गया है, उन पीड़ित परिवारों को पूर्ण मुआवजा प्रदान किया जाए।6. 90 प्रतिशत एवं 100 प्रतिशत डूब प्रभावित परिवारों को पुनर्वास का लाभ दिया जाए।
जिन परिवारों की कृषि भूमि 90 प्रतिशत एवं 100 प्रतिशत डूब क्षेत्र में प्रभावित हुई हैउन्हें नियमानुसार पुनर्वास एवंविस्थापन के सभी लाभ प्रदान किए जाएं।7. पुनर्वास स्थलों एवं भवनों के नाम प्रभावित गांवों के नाम पर रखे जाएं।पुनर्वास के लिए बनाए जा रहे निर्माण स्थलों एवं भवनों के नाम डूब प्रभावित गांवों के नाम पर रखे जाएं, ताकि प्रभावित ग्रामों की पहचान तथा उनकी सामाजिक एवं सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह सके।
8. सभी प्रभावित गांवों एवं छूटे हुए मकानों को डूब क्षेत्र में शामिल किया जाए।जिला राजगढ़ की तहसील सुठालिया के काकरिया गुर्जर, सेमलापार,राजपूतखेड़ा, सेकनपुर तथा जिला गुना की तहसील मकसूदानगढ़ के रामनगर सहित सभी डूब प्रभावित गांवों को डूब क्षेत्र में शामिल किया जाए। किसानों के अनुसार काकरिया गुर्जर में कुल 171 मकानों में से केवल 69 मकानों को ही डूब क्षेत्र में लिया गया है। अतः शेष प्रभावित मकानों एवं परिवारों को भी डूब क्षेत्र में शामिल कर उचित मुआवजा एवं पुनर्वास का लाभ दिया जाए।
9. पेयजल के स्रोतों का मुआवजा दिया जाए।
ग्राम रघुनाथपुरा, कांदीखेड़ा एवं जिला गुना के अन्य प्रभावित ग्रामों में घरों में स्थित पीने के पानी के कुएं, ट्यूबवेल एवं हैंडपंप आदि का उचित सर्वे एवं मूल्यांकन कर मुआवजा राशि प्रदान की जाए।किसानों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए शासन एवं प्रशासन को तत्काल सकारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। किसानों ने मांगों का शीघ्र निराकरण कर उचित मुआवजा एवं पुनर्वास का लाभ देने की अपील की है।
रैली, धरना एवं भूख हड़ताल
15 सितंबर, मंगलवार को दोपहर 1:00 बजे समस्त डूब प्रभावित किसान सुठालिया मऊ चौराहा, थाने के पास स्थित जिन ग्राउंड में एकत्रित होंगे। इसके बाद रैली के माध्यम से धरना स्थल पहुंचकर मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल की जाएगी। आंदोलन के दौरान प्रशासन को अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।आंदोलन में प्रमुख रूप सेजयपाल सिंह खींची, निरपत सिंह लोधी, कमल सिंह गुर्जर एवं उम्मेद सिंह, धनराज सिंह टोडी जागीर उमराव सिंह पटेल मूवलिया जगदीश पटेल सल्डी राजन सिंह समंदर सिंह प्रयाग सिंह पटेल गोविंद पटेल करण सिंह कमल सिंह जटीयाखेडीमोर सिंह नारायण सिंह मांगीलाल पटेल हिम्मत सिंह सोनाथ सिंह कमल सिंह किसनगढ़ गुलाब सिंह राजपूत विष्णु सिंह गजराज सिंह श्याम बना सेकनपूर दयाल सिंह पटेल हेमराज पटेल बसंती सरपंच हीरा पूरी मुरारी पूरी बसंती गिर सरदार गिर मोती पूरी कनरखेडी हिन्दू सिंह राजपूत हिम्मत सिंह भारत सिंह देवेंद्र सिंह सुरेंद्र सिंह सुनील पंवार बृजमोहन पंवार शिवराज सरपंच बापू सिंह
सर्जन सिंह राम सिंह सेमलापर आजाद सिंह बलराम पटेल शिव नारायण दिनेश चौहान आराम विष्णु जगमोहन हरिओम कांकरिया दामोदर गुर्जर विष्णु मोहन गुर्जर हुडा गुलाब सिंह हजारी सिंह सरपंच हेमराज मीणा जगदीश धनगर प्रताप सिंह जव्ला प्रसाद कन्ता प्रसाद पटेल बगवाज राम सिंह छोटे लाल राजेंद्र सिंह सोनू सिंह लाला बना करणसिंह फूलसिंह पडलीढाकुर सुरज सिंह पवन सिंह भानु बना बिक्रम सिंह भारत सिंह लासुडियामीना
लाखन सिंह लोधी बेलाग शंकर सिंह रामबाबू यादव कृपा संकर शर्मा जगदीश केवट हजारीलाल पटेल तेजाखेडीरामकेलश सरपंच बाबू यादव सागर यादव संदीप राजपूरा आदि डूब प्रभावित किसान