राजगढ़ जिले में नरवाई एवं पराली जलाने पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी*
*
*राजगढ़ 22 अक्टूबर, 2026*
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत राजगढ़ जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में फसल कटाई के उपरांत खेतों में नरवाई एवं पराली जलाने पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, मध्यप्रदेश शासन के पर्यावरण विभाग द्वारा वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के प्रावधानों के अनुपालन में संपूर्ण मध्यप्रदेश को वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु अधिसूचित किया गया है। शासन द्वारा धान एवं गेहूं की कटाई के पश्चात खेतों में बचने वाली नरवाई को जलाने से उत्पन्न वायु प्रदूषण एवं अन्य पर्यावरणीय समस्याओं की रोकथाम के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।
शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, नरवाई जलाने पर भूमि के क्षेत्रफल के आधार पर पर्यावरणीय मुआवजा निर्धारित किया गया है। इसके तहत 2 एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को प्रति घटना 2,500 रुपये, 2 एकड़ से अधिक एवं 5 एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को प्रति घटना 5,000 रुपये तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को प्रति घटना 15,000 रुपये पर्यावरणीय मुआवजे के रूप में देना होगा।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. मिश्रा द्वारा जारी आदेश संबंधित तहसील मुख्यालय, थानों, नगर पालिका, नगर पंचायत एवं विकासखंड कार्यालयों के सूचना पटल पर आदेश चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित थाना प्रभारी एवं नगरीय निकायों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में डोंडी पिटवाकर मुनादी कराने, प्रचार-प्रसार करने तथा सार्वजनिक एवं सहज दृष्टिगोचर स्थलों पर आदेश चस्पा कर प्रकाशित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आमजन को प्रतिबंधात्मक आदेश की जानकारी हो सके। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इसका उल्लंघन करने वाले संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत वैधानिक एवं दाण्डिक कार्रवाई की जाएगी।