गंभीर बताकर किया रेफर*
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*राजगढ़ पहुंचने से पहले एंबुलेंस में गूंजी किलकारी*
*मामला खिलचीपुर शासकीय अस्पताल का*
*मुकेश अहिरवार राजगढ़*
राजगढ़ भाजपा की डबल इंजन सरकार के द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करने वाला मामला खिलचीपुर स्वास्थ्य केंद्र से सामने आया है खिलचीपुर निवासी गर्भवती महिला आफरीन पति जावेद को परिजनों के मुताबिक सामान्य प्रसव की स्थिति के बावजूद गंभीर बताकर राजगढ़ रेफर कर दिया गया।
मामला उस वक्त और गंभीर सवालों के घेरे में आ गया, जब राजगढ़ ले जाते समय रास्ते में ही आफरीन को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और एंबुलेंस में ही डिलीवरी हो गई। गनीमत रही कि जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित रहे।
अबगंभीर बताकर किया रेफर* सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर प्रसव रास्ते में एंबुलेंस के भीतर सामान्य तरीके से हो गया, तो मरीज को खिलचीपुर स्वास्थ्य केंद्र से राजगढ़ रेफर करने की नौबत क्यों आई? क्या स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, या फिर मरीज की स्थिति का सही आकलन नहीं किया गया?
परिजनों के अनुसार, उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ उमा शर्मा द्वारा आफरीन को राजगढ़ रेफर किया गया। इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, रेफर करने के पीछे चिकित्सकीय कारण क्या थे, इसकी आधिकारिक पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
सरकार गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दावे करती है। ऐसे में यदि सामान्य प्रसव की स्थिति में भी मरीजों को दूसरे अस्पतालों के लिए रेफर किया जा रहा है, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।
एंबुलेंस में प्रसव की इस घटना ने एक सीधा सवाल जरूर छोड़ दिया है—जब रास्ते में ही सामान्य डिलीवरी हो सकती थी, तो आखिर अस्पताल से रेफर करने की जरूरत क्यों पड़ी? अब स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या जवाब देता है, यह देखने वाली बात होगी।