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चित्रकार श्री दास की कलाकृति का हुआ पुनरुद्धार, सुपुत्र श्री दास ने वहन किया संपूर्ण व्यय*

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चित्रकार श्री दास की कलाकृति का हुआ पुनरुद्धार, सुपुत्र श्री दास ने वहन किया संपूर्ण व्यय*



 *महात्मा गांधी के ऐतिहासिक चित्र को मिला नया जीवन* 


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 *राजगढ़ 02 अक्टूबर, 2026* 


      प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजगढ़ की लाइब्रेरी में संरक्षित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का ऐतिहासिक चित्र अब अपने मूल स्वरूप में निखर उठा है। वर्ष 1953 में चित्रकार श्री सियाराम दास द्वारा कैनवास पर निर्मित इस ऐतिहासिक चित्र का लंबे समय से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में होने के कारण पुनः रंग-रोगन एवं संरक्षण कार्य कराया गया। चित्रकार श्री  दास के सुपुत्र श्री जगदीश दास ने अपने पिता की कलात्मक विरासत को संरक्षित करने एवं उनकी स्मृति को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से महाविद्यालय के प्राचार्य से चित्र के पुनरुद्धार का आग्रह किया। प्राचार्य द्वारा इस प्रस्ताव को सहर्ष स्वीकृति प्रदान की गई।


    इसके पश्चात श्री जगदीश दास, श्री मोहम्मद शफी गामा, श्री साकेत शर्मा एवं श्री पप्पू मकवाना के सहयोग से चित्र के पुनः रंग-रोगन एवं संरक्षण का कार्य पूर्ण कराया गया। इस संपूर्ण कार्य का व्यय श्री जगदीश दास द्वारा स्वयं वहन किया गया। महात्मा गांधी के इस ऐतिहासिक चित्र का पुनरुद्धार न केवल एक पुरानी कलाकृति को नया जीवन देने का प्रयास है, बल्कि यह कला एवं ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण, पारिवारिक सम्मान तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणादायी पहल भी है। चित्र के पुनः अपने स्वरूप में आने से महाविद्यालय की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है।


    महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. खरे एवं समस्त महाविद्यालय परिवार ने श्री जगदीश दास सहित इस कार्य में सहयोग करने वाले श्री मोहम्मद शफी गामा, श्री साकेत शर्मा एवं श्री पप्पू मकवाना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे प्रयास आने वाली पीढ़ियों को अपनी विरासत से जोड़ने के साथ ही उसके प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की भावना विकसित करते हैं।महाविद्यालय की लाइब्रेरी में पुनः स्थापित महात्मा गांधी का यह चित्र अब इतिहास की स्मृति के साथ-साथ कला के प्रति समर्पण, पारिवारिक सम्मान और सामूहिक सहयोग की प्रेरणादायी मिसाल के रूप में संरक्षित रहेगा।