भैंसवा बिजासन माता धाम तक निकलेगी 101 मीटर की भव्य चुनर यात्रा*
*
*जयकारों, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों से गूंजेगा सारंगपुर, मां के चरणों में चुनर अर्पित कर करेंगे सुख-समृद्धि की कामना*
*राजगढ़ 13 अक्टूबर, 2026*
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर सारंगपुर में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली मां भैंसवा बिजासन महारानी की चुनर यात्रा इस वर्ष भी श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश लेकर निकलेगी। 16 अक्टूबर को प्रात: 7 बजे बागकुआं टंकी स्थित शीतला माता मंदिर से 101 मीटर लंबी चुनर के साथ भव्य संगीतमय चुनर यात्रा प्रारंभ होगी। हिंदू उत्सव समिति के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मातृशक्ति, युवा, बच्चे और नगरवासी शामिल होकर मां के जयकारों के साथ भैंसवा माता धाम पहुंचेंगे। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता रानी के चरणों में चुनर अर्पित की जाएगी तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली, शांति और जनकल्याण की कामना की जाएगी। सारंगपुर की यह चुनर यात्रा प्रतिवर्ष धार्मिक आस्था, श्रद्धा और सामूहिक सहभागिता का विशेष अवसर बनती है। मां की चुनर, भक्तों का विशाल कारवां और जयकारों से गूंजते मार्ग इस आयोजन को विशिष्ट पहचान देते हैं। यात्रा में ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे, आकर्षक झांकियां, ध्वज दल, भजन-कीर्तन और संगीतमय प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के उत्साह को बढ़ाएंगी। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालु मां के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।
इस धार्मिक आयोजन में प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग श्री गौतम टेटवाल, नगर पालिका अध्यक्ष श्री पंकज पालीवाल सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मातृशक्ति, कन्याएं और आम नागरिक सहभागी बनेंगे। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने चुनर यात्रा के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां भैंसवा बिजासन महारानी के प्रति क्षेत्रवासियों की अटूट आस्था हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं की पहचान है। ऐसे धार्मिक आयोजन हमें अपनी संस्कृति, संस्कारों और परंपराओं से जोड़ने के साथ समाज में एकता, सद्भाव और समरसता की भावना को भी मजबूत करते हैं। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि मां के चरणों में चुनर अर्पित करना केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक नहीं, बल्कि क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की सामूहिक प्रार्थना भी है। ऐसे आयोजनों में सभी समाजों और वर्गों की सहभागिता हमारी सामाजिक एकजुटता को दर्शाती है। मां बिजासन महारानी की कृपा से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि बनी रहे और प्रत्येक परिवार के जीवन में खुशहाली आए, यही मंगलकामना है।
चुनर यात्रा बागकुआं टंकी स्थित शीतला माता मंदिर से प्रारंभ होकर अंबे माता मंदिर, मुखर्जी चौक, महाकाल चौराहा, गांधी चौक, टेंशन चौराहा, भेरू दरवाजा, नजीबाबाद स्कूल, दीनदयाल चौराहा, नवीन बस स्टैंड और महाराणा प्रताप चौराहे से होते हुए भैंसवा माता धाम पहुंचेगी। यात्रा मार्ग पर ध्वज दल, झांकियां और भक्ति संगीत आकर्षण का केंद्र रहेंगे। श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए चुनर लेकर आगे बढ़ेंगे। आयोजकों ने मातृशक्ति, बच्चों और बुजुर्गों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्ग में प्रत्येक दो किलोमीटर पर फलाहार एवं अल्पाहार की व्यवस्था की है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। चुनर यात्रा की तैयारियों को लेकर स्थानीय साई मंदिर में हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष ध्रुव भल्ला के नेतृत्व में सर्व हिंदू समाज की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से श्री संजय विजयवर्गीय को चुनर यात्रा का प्रभारी बनाया गया, जबकि श्री अमित पुष्पद और श्री लोकेश सोलंकी को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में यात्रा की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधा, मार्ग प्रबंधन और व्यापक जनसंपर्क अभियान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सदस्यों ने पिछली यात्राओं के अनुभवों के आधार पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के सुझाव दिए, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में सहभागी बन सकें।
का उद्देश्य चुनर यात्रा के माध्यम से मां भैंसवा बिजासन महारानी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ समाज में धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है। मां के चरणों में 101 मीटर की चुनर अर्पित कर श्रद्धालु सारंगपुर सहित पूरे क्षेत्र के कल्याण, सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना करेंगे।