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♦ ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित विद्युत कटौती के विरोध में धवला जोड़ पर चक्काजाम, पूर्व विधायक बापू सिंह तंवर ने जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर उठाए सवाल ♦ बाल विवाह की रोकथाम, किशोर-किशोरी सशक्तिकरण एवं बाल संरक्षण के क्षेत्र में जिले के प्रयासों का लिया जायजा* ♦ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने ग्राम जमुनिया चौहान एवं मोईली कला में स्वामित्व योजना के कार्यों का किया निरीक्षण* ♦ कहानी बदलाव की’’* *मुद्रा ऋण से श्री माहेश्वरी के उद्यम को मिली नई उड़ान* ♦ कहानी बदलाव की’’* *मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से श्रीमती पूजा बनीं आत्मनिर्भर, दो लोगों को मिला रोजगार* ♦ भैंसवा बिजासन माता धाम तक निकलेगी 101 मीटर की भव्य चुनर यात्रा*
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ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित विद्युत कटौती के विरोध में धवला जोड़ पर चक्काजाम, पूर्व विधायक बापू सिंह तंवर ने जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर उठाए सवाल

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ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित विद्युत कटौती के विरोध में धवला जोड़ पर चक्काजाम, पूर्व विधायक बापू सिंह तंवर ने जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर उठाए सवाल



 


**राजगढ़।** जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित विद्युत कटौती के विरोध में पूर्व विधायक श्री बापू सिंह तंवर, हेमराज कल्पोनी, प्रेम सिंह परिहार, भोजपुर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने ग्रामीणजनों के साथ धवला जोड़ पर चक्काजाम कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान विद्युत विभाग के जिला अधिकारी से चर्चा कर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती की समस्या के समाधान की मांग की गई। लेकिन अधिकारी द्वारा यह कह दिया गया कि *“हमारे हाथ में कुछ नहीं है।”* इस जवाब ने विद्युत व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


पूर्व विधायक श्री बापू सिंह तंवर ने कहा कि राजगढ़ जिले में भाजपा के पाँच विधायक, दो कैबिनेट मंत्री और भाजपा के सांसद हैं। प्रदेश से लेकर केंद्र तक भाजपा की सरकार है। इसके बावजूद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के लिए परेशान होना पड़ रहा है। यह स्थिति जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है।


उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती से किसानों, विद्यार्थियों, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की कृषि गतिविधियां प्रभावित होती हैं तथा ग्रामीण परिवारों की दिनचर्या भी बाधित होती है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होना चिंताजनक है।


**पूर्व विधायक ने ग्रामीणजनों से की जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगने की अपील**


श्री तंवर ने ग्रामीणजनों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के विधायकों, सांसद और संबंधित जनप्रतिनिधियों से मिलकर बिजली कटौती की समस्या पर सवाल पूछें। आवश्यकता पड़ने पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से उनके कार्यालयों और निवास पर पहुंचकर यह जानें कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उनके द्वारा क्या प्रयास किए जा रहे हैं और समस्या के समाधान की समय-सीमा क्या है।


उन्होंने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए चुना है। इसलिए यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे ग्रामीणों की आवाज सरकार तक पहुंचाएं, संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित करें और बिजली कटौती की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित कराएं।


**ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि किसानों और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।**