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बाल विवाह की रोकथाम, किशोर-किशोरी सशक्तिकरण एवं बाल संरक्षण के क्षेत्र में जिले के प्रयासों का लिया जायजा*

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बाल विवाह की रोकथाम, किशोर-किशोरी सशक्तिकरण एवं बाल संरक्षण के क्षेत्र में जिले के प्रयासों का लिया जायजा*


 *यूनिसेफ के वैश्विक एवं राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने किया राजगढ़ जिले का भ्रमण* 


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 *राजगढ़ 13 अक्टूबर, 2026*


   कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशन में जिले में बाल विवाह की रोकथाम, बच्चों के अधिकारों के संरक्षण तथा परिवारों के सशक्तिकरण की दिशा में  किए जा रहे प्रयासों को समझने के लिए यूनिसेफ के वैश्विक एवं राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने जिले का भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, न्यायिक संस्थाओं तथा स्वयंसेवी संगठनों के साथ संवाद कर बाल संरक्षण के क्षेत्र में संचालित गतिविधियों, नवाचारों एवं प्रभावी रणनीतियों की जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री अमित तोलानी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले के साथ आयोजित बैठक में बाल विवाह की रोकथाम, बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, परिवारों के सशक्तिकरण तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों पर चर्चा की गई।प्रतिनिधिमंडल ने जिले में बाल संरक्षण के लिए प्रशासनिक एवं सामुदायिक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को समझा।


 *बाल विवाह की रोकथाम के प्रयासों को समझने के लिए वैश्विक प्रतिनिधिमंडल का भ्रमण* 


     राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5 एवं एनएफएचएस-6) के आंकड़ों के अनुसार, राजगढ़ जिले में 20 से 24 वर्ष आयु वर्ग की उन महिलाओं के अनुपात में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जिनका विवाह 18 वर्ष की आयु से पहले हुआ था। यह अनुपात 44 प्रतिशत से घटकर 23 प्रतिशत रह गया है। यह सकारात्मक परिवर्तन बाल विवाह की रोकथाम के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस प्रगति को स्थायी बनाने के उद्देश्य से जिले में सामुदायिक सहभागिता, किशोर-किशोरी सशक्तिकरण, जनजागरूकता तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यूनिसेफ के प्रतिनिधिमंडल ने इन प्रयासों के विभिन्न पहलुओं को समझते हुए बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में प्रशासन, समुदाय एवं संस्थागत तंत्र की भूमिका पर विचार-विमर्श किया।


      ने राजगढ़ विकासखंड के बनानिया ग्राम पंचायत में सामुदायिक संवाद कार्यक्रम में सहभागिता की। इस दौरान चार ग्राम पंचायतों के सरपंचों, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, किशोर-किशोरियों एवं सामुदायिक सदस्यों से संवाद कर बाल विवाह की रोकथाम, बच्चों की शिक्षा में निरंतरता, बाल अधिकारों के संरक्षण तथा बाल विवाह मुक्त पंचायतों के निर्माण से जुड़े अनुभव साझा किए गए।


 *बाल संरक्षण एवं बच्चों को न्याय दिलाने की व्यवस्था पर चर्चा* 


      जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आयोजित बैठक में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री देवदत्त की अध्यक्षता में बाल विवाह की रोकथाम एवं बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती नीलिमा देवदत्त, न्यायिक अधिकारियों, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास तथा विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। बैठक में बाल विवाह की रोकथाम के साथ-साथ हिंसा से प्रभावित बच्चों को सुलभ, संवेदनशील एवं बाल-केंद्रित न्याय उपलब्ध कराने, कानूनी सहायता सुनिश्चित करने तथा बच्चों की सुरक्षा, गरिमा, गोपनीयता एवं सर्वोत्तम हितों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।


     इस अवसर पर बच्चों एवं उनके परिवारों को कानूनी सहायता, परामर्श और संरक्षण सेवाओं से जोड़ने में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस, जिला प्रशासन, बाल संरक्षण तंत्र तथा स्वयंसेवी संस्थाओं की समन्वित भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया।


 *समन्वित प्रयासों से सुरक्षित बचपन एवं सशक्त समुदाय का लक्ष्य* 


     प्रतिनिधिमंडल ने बाल विवाह की रोकथाम एवं बाल संरक्षण के लिए प्रशासन, पुलिस, पंचायतों, विद्यालयों, परिवारों तथा न्यायिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय और किशोर -किशोरियों की सक्रिय भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभवों एवं संवाद के आधार पर बाल संरक्षण की व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने, समुदाय आधारित निगरानी को प्रोत्साहित करने तथा बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।


    यूनिसेफ के प्रतिनिधिमंडल में सुश्री सीमा सेन, टीम लीडर, ग्लोबल डायरेक्टर, चाइल्ड प्रोटेक्शन एंड माइग्रेशन सुश्री मिलन किडन, प्रमुख, चाइल्ड प्रोटेक्शन, यूनिसेफ इंडिया कंट्री ऑफिस सुश्री शर्मिला रे, चाइल्ड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट श्री लोलिचेन पी.जे., चाइल्ड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट तथा श्री गोविंद बेनीवाल, चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर, यूनिसेफ मध्यप्रदेश कार्यालय शामिल रहे।


     जिले में संचालित इन प्रयासों का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा के समान अवसर, संरक्षण एवं न्याय की सुलभ व्यवस्था उपलब्ध कराना तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से बाल विवाह मुक्त समाज की दिशा में सतत प्रगति सुनिश्चित करना है।