चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस के झूठ और भ्रम की राजनीति बेनकाब*
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*-संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना विपक्ष की हताशा*
*भाजपा जिला अध्यक्ष* *ज्ञान सिंह* *गुर्जर*
*-राहुल गांधी और कांग्रेस एंटी-बीजेपी नहीं, एंटी-नेशनल बातें करते हैं*
*- कांग्रेस लोकतंत्र की मर्यादा को बार-बार लांघने का काम कर रही है*
*-कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए कि जनता उसे लगातार क्यों नकार रही है*
*राजगढ़* 28/09/2026 भाजपा जिला अध्यक्ष श्री ज्ञान सिंह गुर्जर ने सोमवार को जिला भाजपा वंदे मातरम कार्यालय राजगढ़ में प्रेस वार्ता की।श्री ज्ञान सिंह गुर्जर ने बताया कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना उचित नहीं है। राजनीतिक असफलता का ठीकरा कांग्रेस और विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ रहा है। कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजे गए पत्र को लेकर भी विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाया गया। चुनाव आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह पत्र किसी नीतिगत विषय अथवा एसआईआर से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से संबंधित आंतरिक मामला था। चुनाव आयोग को लेकर भ्रम फैलाने पर राहुल गांधी को माफी मांगकर इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस के झूठ और भ्रम की राजनीति बेनकाब हो गई है। हर पात्र नागरिक का मताधिकार सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता में शामिल रहता है। राहुल गांधी हार की हताशा में संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की राजनीति कर रहे हैं। एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण से कांग्रेस के दुष्प्रचार का सारा खेल फेल हो गया है। राहुल गांधी और कांग्रेस एंटी-बीजेपी नहीं, एंटी-नेशनल बातें करते हैं। कांग्रेस लोकतंत्र की मर्यादा को बार-बार लांघने का काम कर रही है और कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए कि जनता उसे लगातार क्यों नकार रही है।
*कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को नहीं मानती*
श्री गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संवैधानिक संस्थाओं को नहीं मानती थी और आज भी नहीं मानती है। राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल खड़ा किया, वहीं चैकीदार चोर कहकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने सारी सीमाओं को तोड़ने का काम किया है। लगातार इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाकर अंत में राहुल गांधी न्यायालय में माफी मांग लेते हैं।
एक ही प्रक्रिया को अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नजरिए से देखने से कंाग्रेस की मंशा पर प्रश्न खड़े होते हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस को केरल में सत्ता मिल गई तो एसआईआर सही थी, हिमाचल में सत्ता मिली तो सही थी, वहीं तमिलनाडु में 50 साल से सत्ता से बाहर है, वहां भाजपा नहीं डीएमके और एआईडीएमके वर्षों से है, वहीं बंगाल में वामपंथियों का कब्जा रहा, तब एसआईआर को लेकर राहुल गांधी मौन क्यों रहे। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों को मताधिकार सुनिश्चित करने तथा मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग अपनी संवैधानिक भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्णयों को लेकर यदि किसी राजनीतिक दल को आपत्ति है तो संवैधानिक और न्यायिक रास्ते खुले हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखे और राजनीतिक मतभेदों को संस्थाओं के विरोध में परिवर्तित न करे।
* गांधी की राजनीति, संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास*
श्री ज्ञान सिंह ने बताया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक असफलताओं से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए जनता के मन में भ्रम और अविश्वास पैदा करने का प्रयास कर रही है। लेकिन अब चुनाव आयोग ने स्वयं इस पूरे मामले पर स्पष्ट स्थिति सामने रख दी है। 26 सितम्बर को चुनाव आयोग की बैठक हुई और यह स्पष्ट किया गया कि देश भर में चल रही एसआईआर किसी एक व्यक्ति का निर्णय नहीं, यह मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय है, ऐसे में राहुल गांधी और कांग्रेस किस आधार पर इस मुद्दे को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि जब कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा किसी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये गये हों। लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक राजनीतिक दल और नेता से अपेक्षा रहती है कि वह अपने मतभेदों और आलोचनाओं को तथ्यों तथा संवैधानिक प्रक्रियाओं के दायरे में रखे। कांग्रेस बार-बार लोकतंत्र की मर्यादाओं को लांघने का काम कर रही है और चुनाव आयोग तथा सुप्रीम कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उसे सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं है? जब चुनाव आयोग ने अपने निर्णयों और प्रक्रियाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है, तब भी कांग्रेस द्वारा भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि जनता उसे लगातार क्यों नकार रही है और इसके लिए उसे अपने नेतृत्व, संगठन तथा कार्यप्रणाली में क्या बदलाव करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री देवी सिंह सोंधिया जिला कोषाध्यक्ष शैलेश गुप्ता जिला मीडिया प्रभारी आनंद त्रिपाठी जिला सह मीडिया प्रभारी जगदीश दास उपस्थित थे।