मोदी जी के जन्मदिन पर सवाल *जिन परिवारों के दीप बुझ गए, उन्हें न्याय कब?:- प्रियव्रत सिंह
पूर्व मंत्री एव अध्यक्ष , जिला कांग्रेस कमेटी राजगढ़*
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।आज भारतीय जनता पार्टी के नेता और भारतीय जनता पार्टी की सरकार से जुड़े लोग दीप जलाकर प्रधानमंत्री जी का जन्मदिन मना रहे हैं। लेकिन मध्यप्रदेश के उन परिवारों के बारे में भी सवाल पूछा जाना चाहिए, जिनके घरों के दीप सरकारी व्यवस्था की लापरवाही, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और कथित अव्यवस्थाओं के बीच बुझ गए।जन्मदिन पर दीप जलाने के साथ उन परिवारों के घरों में भी न्याय का दीप कब जलेगा, जिन्होंने अपने मासूम बच्चों को खोया है?1. मासूम बच्चों की मौतों का जवाब कौन देगा?बालाघाट के आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों की मौतों का मामला बेहद गंभीर है। सितंबर 2026 तक विभिन्न रिपोर्टों में 30 से अधिक बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई है। बीमारी, कुपोषण, स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।सरकार बताए—इन मौतों की जवाबदेही किसकी है और प्रभावित परिवारों को न्याय एवं पर्याप्त सहायता कब मिलेगी? 2. छिंदवाड़ा कफ सिरप त्रासदी का दर्दछिंदवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में दूषित कफ सिरप से जुड़े मामले में कम-से-कम 24 बच्चों की मौत की रिपोर्ट सामने आई है।इतने मासूमों की जान जाने के बाद भी स्वास्थ्य व्यवस्था और दवा निगरानी में कमियां क्यों रहीं? पीड़ित परिवारों को पूर्ण न्याय कब मिलेगा?3. पन्ना में 22 नवजातों की मौत पन्ना जिला अस्पताल की SNCU में एक महीने के दौरान 22 नवजात एवं छोटे बच्चों की मौत की रिपोर्ट सामने आई थी, जिसके बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठे तथा जांच शुरू की गई।
क्या सरकार इन मौतों की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करेगी?4. महंगाई से आम परिवार परेशानआज परिवार की मूलभूत जरूरतों से जुड़ी खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतें आम आदमी के घरेलू बजट पर दबाव डाल रही हैं।
सरकार बताए—महंगाई पर नियंत्रण के लिए आम परिवारों को वास्तविक राहत कब मिलेगी?5. युवा रोजगार के लिए भटकने को मजबूरमध्यप्रदेश का युवा रोजगार और बेहतर अवसरों की तलाश में लगातार संघर्ष कर रहा है।सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती, निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर और युवाओं के भविष्य के लिए ठोस रोजगार नीति कब लागू होगी?6. भ्रष्टाचार पर सरकार की नीति स्पष्ट होप्रदेश में भ्रष्टाचार को लेकर लगातार शिकायतें और आरोप सामने आते रहे हैं।जनता जानना चाहती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जवाबदेही और कार्रवाई की व्यवस्था कितनी प्रभावी है?7. प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयताNEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों ने विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है।मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए सरकार क्या ठोस कदम उठा रही है?8. बेरोजगारी प्रदेश के युवाओं की बड़ी चिंताशिक्षित युवा डिग्री लेकर रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं।सरकार को बताना चाहिए कि युवाओं के लिए कितने नए रोजगार सृजित हुए और आने वाले वर्षों में रोजगार केकितने अवसर उपलब्ध कराने की ठोस योजना है।9. घटिया सड़क निर्माण और सड़क हादसेराष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों सहित सड़कों के निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता को लेकर उठने वाली शिकायतों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।सड़क निर्माण में गुणवत्ता की जिम्मेदारी तय हो और खराब निर्माण के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में प्रभावितपरिवारों को न्याय एवं उचित सहायता मिले।10. किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य कब मिलेगा?प्रदेश का किसान बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और बाजार भाव की चिंता के बीच खेती कर रहा है।सरकार बताए—किसानों को उनकी फसल का लाभकारी और उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रभावी व्यवस्था कब सुनिश्चित होगी?मुख्य सवालप्रधानमंत्री जी के जन्मदिन पर दीप जलाना अच्छी परंपरा हो सकती है, लेकिन मध्यप्रदेश के उन परिवारों के घरों में न्याय का दीप कब जलेगा जिनके घरों के चिराग बुझ गए?*भाजपा सरकार को जन्मदिन के उत्सव के साथ-साथ महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य व्यवस्था, भ्रष्टाचार, परीक्षा व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और किसानों की आय जैसे जनता से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए।जनता केवल उत्सव नहीं, जवाबदेही भी चाहती है।जनता केवल घोषणाएं नहीं, न्याय भी चाहती है।