कलेक्टर डॉ. मिश्रा के निर्देश पर जीरापुर एवं खिलचीपुर में उर्वरक वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी*
*उर्वरक वितरण व्यवस्था सुचारु बनाने प्रशासन की पहल, बंद केंद्रों से भी शुरू हुआ वितरण*
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*राजगढ़ 31 अक्टूबर, 2026*
जिले में किसानों को उर्वरक का सुगमता एवं निर्बाध रूप से वितरण सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर डॉ. मिश्रा द्वारा डबल लॉक केंद्र जीरापुर एवं मार्केटिंग केंद्र खिलचीपुर में दो पीओएस मशीनों के माध्यम से उर्वरक वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे, ताकि किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा के निर्देशों के पालन में उपसंचालक कृषि श्री कैलाश मगर के मार्गदर्शन में सहायक संचालक कृषि श्री प्रहलाद सिंह बारेला एवं जिले में पीओएस मशीन आपूर्ति हेतु नियुक्त आईपीएल कंपनी के सेल्स ऑफिसर श्री नामदेव द्वारा केंद्रों का निरीक्षण कर पीओएस मशीनों के संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। डबल लॉक केंद्र जीरापुर में एक अतिरिक्त पीओएस मशीन उपलब्ध कराई गई। वहीं मार्केटिंग केंद्र खिलचीपुर में बंद पड़ी पीओएस मशीन को चालू करवाया गया।
साथ ही डबल लॉक केंद्र खिलचीपुर की पीओएस बंद थी उसे भी चालू कर उर्वरक वितरण प्रारंभ करवाया गया।
सहायक संचालक कृषि श्री प्रहलाद सिंह बारेला एवं आईपीएल कंपनी के सेल्स ऑफिसर श्री नामदेव द्वारा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड खिलचीपुर के साथ केंद्र का निरीक्षण कर वितरण व्यवस्था का जायजा लिया गया। उर्वरक वितरण व्यवस्था को सुचारु एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए डबल लॉक केंद्रों पर पटवारियों एवं कृषि विस्तार अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा वितरण कार्य सतत रूप से संचालित होता रहे।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा द्वारा जिले में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है। उनके निर्देशानुसार कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग का मैदानी अमला सक्रियता से कार्य कर रहा है तथा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले के किसानों को पात्रता अनुसार उर्वरक समय पर एवं सुगमता से उपलब्ध हो। जिला प्रशासन द्वारा उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी, व्यवस्थित एवं निर्बाध बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जिले के प्रत्येक किसान को उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।