राज्य उद्यानिकी मिशन से श्री रमेशचंद्र के जीवन में आई खुशहाली, गेंदे की खेती से बढ़ी आय*
*‘’सफलता की कहानी’’*
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*सोयाबीन की खेती के स्थान पर गेंदे की फसल से हुआ बेहतर आर्थिक लाभ*
*राजगढ़ 04 नवम्बर, 2026*
राज्य शासन द्वारा किसानों की आय बढ़ाने एवं उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित राज्य उद्यानिकी मिशन किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। योजना के माध्यम से किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। ऐसे ही सफल कृषक हैं विकासखंड खिलचीपुर के ग्राम मालाकार निवासी श्री रमेशचंद्र जिन्होंने वर्ष 2025-26 में राज्य उद्यानिकी मिशन के अंतर्गत पुष्प क्षेत्र विस्तार घटक का लाभ लेकर 0.250 हेक्टेयर क्षेत्र में गेंदे की खेती की। इसके लिए उन्हें 5 हजार रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ। योजना का लाभ लेने से पहले श्री रमेशचंद्र सोयाबीन की खेती करते थे। 0.250 हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की फसल से उन्हें 10 क्विंटल उपज प्राप्त होती थी। इसमें 20 हजार रुपये की लागत के मुकाबले 40 हजार रुपये की कुल आय तथा 20 हजार रुपये की शुद्ध आय प्राप्त होती थी।
राज्य उद्यानिकी मिशन के अंतर्गत पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना का लाभ लेने के बाद उन्होंने इसी क्षेत्र में गेंदे की खेती शुरू की। गेंदे की फसल से उन्हें 100 क्विंटल उपज प्राप्त हुई। इसमें 25 हजार रुपये की लागत के मुकाबले 1 लाख 25 हजार रुपये की कुल आय तथा 1 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। इस प्रकार पारंपरिक सोयाबीन की खेती की तुलना में गेंदे की खेती से उनकी शुद्ध आय में 80 हजार रुपये की वृद्धि हुई। उद्यानिकी फसल अपनाने से श्री रमेशचंद्र को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ है। श्री रमेशचंद्र के लिए राज्य उद्यानिकी मिशन की पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना आय बढ़ाने का एक उपयोगी माध्यम बनी है।