स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण, जटिल प्रसव मामलों में त्वरित निर्णय लेने पर रहा जोर*
*मातृ मृत्यु दर पर लगाम लगाने राजगढ़ में यूएनएफपीए के सहयोग से दो दिवसीय 'उच्च दक्षता' प्रशिक्षण संपन्न*
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*राजगढ़ 19 सितम्बर, 2026*
जिले में मातृ मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाने और प्रसव कक्ष, डिलीवरी वार्ड में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों के कौशल को निखारने के उद्देश्य से दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष यूएनएफपीए के तकनीकी सहयोग से आयोजित इस उच्च दक्षता प्रशिक्षण में जिले की विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं के डिलीवरी पॉइंट्स से आए नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों को व्यावहारिक एवं तकनीकी तरीके से प्रशिक्षित किया गया।
*व्यावहारिक तकनीक और केस स्टडी से समझाईं बारीकियाँ*
प्रशिक्षण सत्र के दौरान विषय विशेषज्ञ डॉ. रश्मि एवं उनकी सहयोगी डॉ. कीर्तना ने प्रसव के दौरान और प्रसव के तुरंत बाद सामने आने वाली गंभीर चिकित्सीय चुनौतियों व जटिलताओं से निपटने के व्यावहारिक उपाय समझाए। उन्होंने डमी मॉडल और प्रैक्टिकल डेमो के जरिए प्रसव कक्ष के स्टाफ को सुरक्षित प्रसव कराने की उन्नत तकनीकों से अवगत कराया।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस मुख्य चिकित्सा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शोभा पटेल ने उपस्थित स्टाफ को संबोधित करते हुए कहा, सभी डिलीवरी पॉइंट स्टाफ इस प्रशिक्षण को गंभीरता से समझें और अपनी कार्यकुशलता को बेहतर बनाएं। प्रसव के समय उत्पन्न होने वाली आकस्मिक परेशानियों को सही स्किल के बल पर आसानी से हल किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग भविष्य में भी ऐसे कौशल-विकास प्रशिक्षण आयोजित करता रहेगा।
*समीक्षा में सामने आई त्वरित निर्णय की जरूरत*
यूएनएफपीए की जिला समन्वयक डॉ. नेहा पांडे ने बताया कि चालू वर्ष में जिले के अंदर 5 मातृ मृत्यु के मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें से कुछ मौते स्वास्थ्य संस्थाओं में हुईं। इन मामलों की गहन समीक्षा करने पर यह पाया गया कि यदि सही समय पर उचित चिकित्सीय निर्णय लिए जाते, तो इनमें से कुछ मौतों को टाला जा सकता था। इसी अंतर को पाटने के लिए शुक्रवार और शनिवार को दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया, ताकि डिलीवरी पॉइंट पर तैनात कर्मचारी आपात स्थिति में बिना समय गंवाए त्वरित और सटीक कदम उठा सकें। इस प्रशिक्षण का मुख्य ध्येय जमीनी स्तर के स्टाफ को प्रसव प्रबंधन में पूर्ण रूप से दक्ष बनाना था।